Popular searches
Uttarakhand News

नाबालिग साबित होने के लिए आरोपी ने बनवाई फर्जी टीसी, जांच में खुली उम्र की पोल

Table of Contents

हरिद्वार में अपहरण और पॉक्सो मामले में नया खुलासा, फर्जी दस्तावेज इस्तेमाल करने पर अलग मुकदमा दर्ज

हरिद्वार। सिडकुल थाना क्षेत्र में नाबालिग लड़की के अपहरण और पॉक्सो एक्ट के मामले में जेल में बंद आरोपी की उम्र को लेकर पुलिस जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। आरोप है कि खुद को नाबालिग साबित करने के लिए आरोपी ने मेरठ के एक निजी इंटर कॉलेज की कक्षा आठ की फर्जी ट्रांसफर सर्टिफिकेट (टीसी) तैयार कराई और उसे वास्तविक दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल किया। पुलिस सत्यापन में टीसी फर्जी पाए जाने के बाद आरोपी के खिलाफ कूटरचना और फर्जी दस्तावेज को असली के रूप में इस्तेमाल करने की धाराओं में अलग मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के मुताबिक, छह अगस्त को सिडकुल थाना क्षेत्र के एक व्यक्ति ने अपनी बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। स्कूल की टीसी में दर्ज जन्मतिथि के आधार पर पुलिस ने किशोरी को नाबालिग मानते हुए मामले को अपहरण और पॉक्सो एक्ट की धाराओं में दर्ज किया। बाद में पुलिस ने किशोरी को सकुशल बरामद कर लिया। उसके बयान के आधार पर मामले में पॉक्सो एक्ट की संबंधित धाराएं भी जोड़ी गईं।

आरोपी ने पेश की नाबालिग होने की टीसी

जांच के दौरान मुजफ्फरनगर निवासी युवक का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार, आरोपी के परिजनों ने उसकी उम्र 18 वर्ष से कम साबित करने के लिए मेरठ स्थित एक निजी इंटर कॉलेज की कक्षा आठ की टीसी उपलब्ध कराई थी। इसी दस्तावेज के आधार पर आरोपी ने किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। पांच सितंबर को उसे न्यायिक सुरक्षा अभिरक्षा में प्लेस ऑफ सेफ्टी भेजा गया।

असली रिकॉर्ड से सामने आई हकीकत

विवेचना के दौरान पुलिस ने टीसी का संबंधित विद्यालय से सत्यापन कराया। विद्यालय ने अपने रिकॉर्ड की जांच के बाद लिखित रूप से स्पष्ट किया कि उक्त टीसी उसके संस्थान से जारी नहीं हुई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के अन्य शैक्षिक दस्तावेजों से उसकी उम्र का सत्यापन कराया। जांच में आरोपी की कक्षा 10 की मूल मार्कशीट में जन्मतिथि 15 मार्च 2008 दर्ज मिली। प्रधानाचार्य के बयान और विद्यालयी अभिलेखों के आधार पर पुलिस ने घटना के समय आरोपी की उम्र 18 वर्ष पूरी होना पाया। इसके बाद आरोपी को प्लेस ऑफ सेफ्टी से पॉक्सो कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जिला कारागार रोशनाबाद भेज दिया गया।

फर्जी दस्तावेज मामले में भी कार्रवाई

पुलिस का आरोप है कि आरोपी ने खुद को नाबालिग साबित करने के उद्देश्य से फर्जी टीसी तैयार कराई और उसे जांच के दौरान वास्तविक दस्तावेज के तौर पर इस्तेमाल किया। सिडकुल थाना पुलिस ने अब इस मामले में अलग से मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी अजय शाह के अनुसार, मामले की जांच जारी है। जांच में जिस भी व्यक्ति की भूमिका सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

Ajay Negi

Founder of Chhuyaal Tv

Founder of Chhuyaal Tv

Comments

0

Newsletter

Stories worth your inbox

Get the best articles on SEO, tech, and more — delivered to your inbox. No noise, just signal.