पांच दिन में बदला सियासी रुख: भाजपा छोड़ फिर कांग्रेस में लौटे ग्यालू लाल
Chhuyaaltvnews.com
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October 18, 2026 1 min read 0
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डीपीसी चुनाव के बाद कांग्रेस में वापसी, भाजपा में शामिल होने को बताया अपनी सबसे बड़ी गलतीरुद्रप्रयाग। जिले की राजनीति में पांच दिन के भीतर हुए घटनाक्रम ने सियासी हलचल तेज कर दी है। कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हुए जिला पंचायत सदस्य ग्यालू लाल ने एक बार फिर कांग्रेस का दामन थाम लिया है। जिला योजना समिति (डीपीसी) के चुनाव के बाद हुई उनकी वापसी को जिले के बदलते राजनीतिक समीकरणों और दलों की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
रुद्रप्रयाग नगर के गुलाबराय स्थित एक होटल में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ग्यालू लाल ने भाजपा में शामिल होने के अपने फैसले पर सफाई दी। उन्होंने कहा कि भाजपा में शामिल होना उनकी सबसे बड़ी गलती थी और अब उन्होंने इसे सुधार लिया है। उनके इस बयान के बाद जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।
ग्यालू लाल के मुताबिक, डीपीसी सदस्य बनने के लिए भाजपा में शामिल होने की शर्त रखी गई थी। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओं से विचार-विमर्श करने के बाद उन्होंने एक रणनीति बनाई और उसी के तहत भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया। डीपीसी सदस्य बनने में सफलता मिलने के बाद उन्होंने अपने पुराने राजनीतिक दल कांग्रेस में वापसी कर ली।
जिला पंचायत सदस्य ने भाजपा पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि उन्होंने उसी की भाषा में जवाब दिया है। हालांकि, उनके भाजपा में शामिल होने और महज पांच दिन बाद कांग्रेस में लौटने के पीछे की राजनीतिक परिस्थितियों को लेकर अलग-अलग चर्चाएं हो रही हैं।
डीपीसी चुनाव के बाद बदले राजनीतिक समीकरण
ग्यालू लाल की कांग्रेस में वापसी ऐसे समय हुई है, जब प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज होने लगी हैं। ऐसे में उनके इस कदम को महज दल-बदल की घटना मानने के बजाय जिले की राजनीतिक रणनीति के संदर्भ में भी देखा जा रहा है। कांग्रेस नेताओं की ओर से उनके भाजपा में शामिल होने के फैसले को रणनीति का हिस्सा बताया गया है।
इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या ग्यालू लाल का भाजपा में शामिल होना पहले से तय रणनीति का हिस्सा था या डीपीसी चुनाव के बाद बदली परिस्थितियों ने उन्हें कांग्रेस में लौटने के लिए प्रेरित किया? फिलहाल, उनके इस कदम को लेकर राजनीतिक चर्चाएं जारी हैं। पांच दिन के भीतर भाजपा से कांग्रेस तक का उनका सफर रुद्रप्रयाग की सियासत में चर्चा का विषय बना हुआ है।
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