
भ्रष्टाचार की शिकायतों पर गंभीरता से हो कार्रवाई
सतर्कता जागरूकता सप्ताह का शुभारंभ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के साथ शासन व्यवस्था में ईमानदारी, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी जरूरी है। विकास का लाभ तभी आमजन तक पहुंचेगा, जब सरकारी संसाधनों का सही उपयोग हो और लोगों को बिना परेशानी सरकारी सेवाएं मिलें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है।
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से भ्रष्टाचार के विरुद्ध आवाज उठाने और शिकायतों को हेल्पलाइन नंबर 1064 पर दर्ज कराने की अपील की। उन्होंने मुख्य सचिव को निर्देश दिए कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन की तर्ज पर भ्रष्टाचार संबंधी शिकायतों के लिए संचालित 1064 की भी नियमित समीक्षा की जाए। शिकायत करने वाले प्रत्येक व्यक्ति की बात गंभीरता से सुनी जाए और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों से कार्यालयों में आने वाले लोगों की समस्याएं संवेदनशीलता से सुनने और उनके कार्यों का समयबद्ध निस्तारण करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में ऐसी व्यवस्था विकसित की जानी चाहिए, जहां नागरिकों को सम्मान मिले और शासन-प्रशासन पर उनका भरोसा मजबूत हो।
6 नवंबर को पुलिस को मिलेगा राष्ट्रपति पुलिस कलर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लिए यह गौरव का विषय है कि आगामी 6 नवंबर को केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह उत्तराखंड पुलिस को प्रतिष्ठित ‘राष्ट्रपति पुलिस कलर’ से अलंकृत करेंगे। इस अवसर पर पुलिस जवान नई सेरेमोनियल वर्दी में परेड में हिस्सा लेंगे। उन्होंने विश्वास जताया कि उत्तराखंड पुलिस अपनी नई पहचान के साथ जनसेवा, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के नए मानक स्थापित करेगी।
नए प्रतीक चिह्नों में दिखेगी उत्तराखंड की पहचान
उत्तराखंड पुलिस के नए प्रतीक चिह्न में अशोक स्तंभ, ‘सत्यमेव जयते’, स्वर्णिम लॉरेल रीथ, हिमालय और नदी को शामिल किया गया है। ये राष्ट्रीय गौरव, सत्य, न्याय, उत्कृष्टता और प्रदेश की भौगोलिक पहचान को दर्शाते हैं। पुराने तीन रंगों वाले क्षैतिज पुलिस ध्वज के स्थान पर गहरे नीले रंग की पृष्ठभूमि वाला नया ध्वज अपनाया गया है। इसके मध्य में नया पुलिस प्रतीक चिह्न और किनारों पर लाल एवं स्वर्णिम रंग का संयोजन रखा गया है।
पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की वर्दी पर इस्तेमाल होने वाले फॉरमेशन साइन, इंसिग्निया और क्रेस्ट को भी नए प्रतीक चिह्न के अनुरूप तैयार किया गया है। पारंपरिक खाकी वर्दी में बहुरंगी सेरेमोनियल सैश, अलंकरण और परेड से जुड़ी विशेष साज-सज्जा शामिल कर उसे नया स्वरूप दिया गया है।
उत्तराखंड पुलिस के ध्वज का अनावरण इससे पहले 4 अप्रैल 2008 को हुआ था। बदलती चुनौतियों और पुलिस बल की बढ़ती जिम्मेदारियों को देखते हुए नए गौरव चिह्न और प्रतीक तैयार किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय के अनुसार, मुख्यमंत्री ने 21 अक्टूबर 2026 को इनके नए स्वरूप को अनुमोदन प्रदान किया था।
कार्यक्रम में मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव शैलेश बगोली, महानिदेशक पी.वी.के. प्रसाद, महानिदेशक अभिसूचना एवं सुरक्षा अभिनव कुमार, अपर पुलिस महानिदेशक अपराध एवं कानून व्यवस्था डॉ. वी. मुरुगेशन, सचिव दिलीप जावलकर, आर. राजेश कुमार, पंकज पांडेय और पुलिस महानिरीक्षक रिधिम अग्रवाल सहित शासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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