विशेषज्ञ डॉक्टरों के 601 पद खाली
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ डॉक्टरों के कुल 1,291 पद स्वीकृत हैं। इनमें से 601 पद खाली चल रहे हैं। इस वजह से कई अस्पतालों में मरीजों को विशेषज्ञ उपचार के लिए दूसरे अस्पतालों या हायर सेंटरों का रुख करना पड़ता है। विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती और उनकी उपलब्धता बनाए रखना है। ‘यू कोट वी पे’ योजना के तहत विशेषज्ञ डॉक्टरों को अधिकतम छह लाख रुपये प्रतिमाह तक मानदेय देने का प्रावधान बताया गया है, लेकिन निजी अस्पतालों में अधिक वेतन मिलने के कारण सरकारी व्यवस्था में डॉक्टरों को आकर्षित करना मुश्किल हो रहा है।कई विशेषज्ञताओं में बड़ी संख्या में पद रिक्त
स्वास्थ्य विभाग के उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, विभिन्न विशेषज्ञताओं में रिक्त पदों की स्थिति इस प्रकार है:- सर्जन: 144 स्वीकृत पदों में से 70 खाली।
- विशेषज्ञ फिजिशियन: 182 पदों में से 130 खाली।
- एनेस्थीसिया विशेषज्ञ: 181 पदों में से 94 खाली।
- बाल रोग विशेषज्ञ: 160 पदों में से 85 खाली।
- स्त्री रोग विशेषज्ञ: 175 पदों में से 102 खाली।
- मनोचिकित्सक: 29 पदों में से 20 खाली।
- फॉरेंसिक विशेषज्ञ: 25 पदों में से 23 खाली।
- चर्म रोग विशेषज्ञ: 35 पदों में से 28 खाली।
- पब्लिक हेल्थ विशेषज्ञ: 97 पदों में से 67 खाली।
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